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What Does The 3 Colors Of The Flag Mean?- भारतीय ध्वज एक राष्ट्रीय प्रतीक है और स्थानीय रूप से “तिरंगा” के रूप में जाना जाता है, जो शिथिल रूप से ध्वज को बनाने वाले तीन रंगों के लिए “तिरंगा” के रूप में अनुवाद करता है। भारत ने 22 जुलाई, 1947 को अपना वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज अपनाया, क्योंकि देश 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्ति के बारे में था।

आइये जानते है कुछ महत्पूर्ण बाते जो है आपके लिए बेहद जरुरी what‌ ‌does‌ ‌the‌ ‌3‌ ‌colors‌ ‌of‌ ‌the‌ ‌Indian‌ ‌flag‌ ‌mean, What Does The 3 Colors Of The Flag Mean इस से सम्बंधित।

What Does The 3 Colors Of The Flag Mean?
What Does The 3 Colors Of The Flag Mean?

भारत का रास्टीय ध्वज जिसे कि हम तिरंगे के नाम से भी जानते है, वह तीन रंगो से बना है, इसीलिए इसे तिरँगा नाम से भी जाना जाता है। भारतीय ध्वज संहिता यह स्थापित करती है कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज अनुपात 2: 3 में एक क्षैतिज आयत पर सेट किया जाना चाहिए, जिसका अर्थ है कि ध्वज की लंबाई इसकी चौड़ाई का 1.5 गुना होनी चाहिए। तिरंगा में जो मुख्य तीन रंग है वो इस प्रकार है:

  1. केसरिया
  2. सफ़ेद
  3. और हरा

यह तीन धारियों है जिसकी लंबाई और चौड़ाई में बराबर होने चाहिए। जहा केसरिया प्रतिक है वीरता की, तो सफ़ेद शांति की, और हरा रंग है खुशाली की। भारत भी इन्हीं तीन मूल सिद्धांतो पर चलने वाला देश है। इस प्रकार हम देखे तो हमारा रास्टीय ध्वज हमें ये बताता है के हमारा देश वीरों की भूमि है जहाँ सब शांति और खुशहाली से रहते है।

What Does The 3 Colors Of The Flag Mean?

अब हम बात करते है अशोक चक्र की, जो के झंडे के बीच में लगा होता है, आपने जरूर देखा होगा।

झंडे के केंद्र को एक नेवी-ब्लू रंग के साथ दिखाया जाता है, जिसे अशोक चक्र के रूप में जाना जाता है जिसमें समान रूप से 24 नीले स्पोक्स होते हैं और पहिया(चक्र)  के परिधि के चारों ओर फैले होते हैं।

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Who Designs The Indian National Flag?

गांधी जी ने पहली बार 1921 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को एक झंडा प्रस्तावित किया था। और इस झंडे को डिजाइन किया था पिंगली वेंकय्या ने। सर्वप्रथम केंद्र में एक पारंपरिक चरखा होता था, जो गांधी के भारतीयों को अपने स्वयं के कपड़े बनाकर आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य का प्रतीक था। इसीलिए पिंगली वेंकैया ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज में पहले अशोक चक्र के जगह चरखा रखा था पर बाद मे इसे बदल कर अशोक चक्र कर दिया गया, क्यूंकि ध्वज के दूसरे साइड से देखने पर चरखा उल्टा दिखाई तेता था, इसलिए इसे बदलकर अशोक चक्र कर दिया गया।

भारतीय कानून के अनुसार, झंडा खादी से तैयार किया जाना चाहिए जो रेशम की एक विशेष प्रकार की हाथ से बुनी हुई सामग्री है, जिसे महात्मा गांधी द्वारा बहुत पसंद किया गया था।

Who Designs The Indian National Flag?
Who Designs The Indian National Flag?

Some Protocols for Displaying the Indian National Flag

आप में से बहुत लोग जानते भी होंगे और बहुत लोग नहीं भी जानते होंगे के भारत के राष्ट्रीय ध्वज को प्रदर्शित करने का भी एक प्रोटोकॉल है जिसके तहत हे इसे प्रदर्शित किया जाता है, तो चलिए जानते है कुछ ऐसे प्रोटोकॉल जिसको के भारतीय ध्वज के लिए फॉलो किया जाता है:- 

  1. राष्ट्रीय ध्वज को क्षैतिज रूप से अभ्यावेदन में शीर्ष की ओर केसरिया पट्टी के साथ सीधा प्रदर्शित किया जाना चाहिए और ऊर्ध्वाधर अभ्यावेदन में छोड़ दिया जाना चाहिए। ध्वज को कभी भी उल्टा प्रदर्शित नहीं करना चाहिए।
  1. ध्वज को दाईं ओर प्रदर्शित किया जाना चाहिए क्योंकि यह इनडोर होने पर प्राधिकरण की स्थिति है।
  1. ध्वज का उपयोग चिलमन या कपड़ों के रूप में नहीं किया जा सकता है।
  1. ध्वज को सूर्यास्त से पहले नीचे फहराया जाना चाहिए और सूर्योदय के बाद फिर से खड़ा किया जाना चाहिए।
  1. राष्ट्रीय ध्वज के लिए ध्वज पोल को इमारत के उच्चतम बिंदु पर रखा जाना चाहिए।
  1. निजी संस्थान राष्ट्रीय ध्वज को सभी दिनों और अवसरों पर, औपचारिक या अन्यथा राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान के साथ प्रदर्शित कर सकते हैं।

तो ये है हमारे राष्ट्रीय ध्वज की कुछ महत्पूर्ण जानकारियाँ, (What Does The 3 Colors Of The Flag Mean) जो कि आपके लिए जानना बहुत जरूरी है, हम आशा करते है के आपको हमारे द्वारा दी गयी ये जानकारियाँ बहुत पसंद आयी होगी, आप इस महत्पूर्ण जानकारी और इस फैक्ट्स what‌ ‌does‌ ‌the‌ ‌3‌ ‌colors‌ ‌of‌ ‌the‌ ‌flag‌ ‌mean‌ ‌in‌ ‌hindi को अपने दोस्तों और जानकारों के साथ जरूर शेयर करे, ताकि हमारे इस महान राष्ट्रीय ध्वज के बारे मे सबको पता चले।

और अगर आपका कोई भी सवाल हो तोह हमें कमेंट कर के जरूर पूछे या हमें मेल करे धन्यवाद!!!


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